Jan Jan Ki Baat

आखिर क्यों ओर कैंसे करें चीन का बहिष्कार??

कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि चीनी माल का बहिष्कार संभव नहीं है इस देश में क्योंकिं हम छोटी से छोटी चीजों से लेकर बड़ी से बड़ी कम्पनियों तक के लिए चीनी सामान पर आश्रित हैं,हम 65% से ज्यादा सामान चीन का बना हुआ ही इस्तेमाल करना जानते हैं इसलिए इनका बहिष्कार संभब नहीं है,लोग कहते हैं आज जितनी अधिक टेक्नोलॉजी ओर अधिक फीचर वाली वस्तु कम कीमत में चीनी सामान में मिल जाती है उतना किसी ओर देश के उत्पादों में नहीं मिलती,ओर साथ ही साथ कहा जाता है भारत में कोई क़्वालिटी वाला स्वदेशी भारतीय उत्पाद मिलता ही नहीं है तो हम क्यों उपयोग करें।।
तो भाई मेरे सुनो एक बात और गौर करो
#आवश्यकता_ही_आविष्कार_की_जननी_होती_है। यह वाली कहावत तो सुनी ही होगी आप लोगों ने। यदि हां तो आइए इसके बारे में पहले पूरी कहानी जानते हैं....
हुआ यूं कि पहले चीन भी भारत की ही तरह पिछड़ा ओर टेक्नोलॉजी में शून्य ज्ञान रखने वाला देश हुआ करता था,सारी टेक्नोलॉजी पश्चिमी देशों जैसे अमेरिका,ब्रिटेन,फ्रांस,सोवियत संघ(रूस),जर्मनी आदि अमेरिकी ओर यूरोपीय देशों के ही पास थी चीन के पास सिर्फ एक चीज थी वह थी देशभक्ति से ओतप्रोत चीनी नागरिक ओर सस्ते मजदूर जिनका उपयोग चीन ने अपनी बढ़ोत्तरी के लिए सबसे ज्यादा किया, चीन में भी कुछ नहीं बनता था फिर चीन ने इन पश्चिमी देशों से दोस्ती का हाथ बढ़ाया ओर सस्ते मजदूर उपलब्ध करवाने का वादा करके टेक्नोलॉजी से लैस कम्पनियों को अपने देश में बुलाया और उनको जमीन देकर प्लांट लगवाए,फिर धीरे धीरे से अपने कुछ नागरिकों को अमेरिका और यूरोप के बड़े बड़े शिक्षा संस्थानों में सरकारी खर्च पर विद्यार्थियों को भेजा ताकि वे उस टेक्नोलॉजी को ओर उसे आधुनिक बनाने के तरीकों को बारीकी से सीख सकें,चीन इस योजना में सफल भी हुआ उसने अपने मजदूरों को कुशल बनाया,सीख कर आये विद्यार्थियों को खुद की कंपनी ओर लैब बनाने के लिए सरकारी धन खर्च किया और धीरे धीरे चीन के नागरिक अपने देश को मजबूती देने लगे, चीन की देशभक्त जनता ने देश का बखूबी साथ दिया,चीनी नागरिकों ने तय किया कि हम चाहे जितना धन विदेशों से लेकर आएं लेकिन हम खुदका धन विदेशों में कम से कम जाने देंगें इसलिए उन्होंने कम सुविधाओ वाले सामान का उपयोग किया,कम टेक्नोलॉजी से बने स्वदेशी उत्पादों का उपयोग किया लेकिन देश का धन विदेश नहीं जाने दिया फिर क्या था जब देशी कम्पनियों के कम सुविधाओं वाले उत्पाद भी देशवासी उपयोग करने लगे तो उन उधोगपतियों का मनोबल बढ़ा,उन्होंने अपने वैज्ञानिकों,इंजीनियरों, डॉक्टरों को उनके कार्यों में ओर अधिक कुशलता लाने के लिए भरपूर सहयोग और सुविधाएं देना चालू कर दीं तो अनेक शोध हुए जिनका परिणाम नए नए अविष्कारों के रूप में सामने आने लगे,चीन की शक्ति बढ़ने लगी लेकिन एक बात पहले ही जैसी थी वह थी सस्ती दर में कुशल मजदूर उसी का कारण है कि चीन आज टेक्नोलॉजी से भरपूर आधुनिक उत्पाद सस्ती दर में पूरी दुनिया में निर्यात कर रहा है,उसके बाबजूद भी चीनी नागरिक खुदके ही देश के बनाये उत्पाद उपयोग करता है चाहे वह शौशल मीडिया हो,एप्स हों,वेवसाईट हों या अन्य आवश्यक जरूरी सामान सबकुछ मेड by चीन ही उपयोग करते हैं।।
ओर यही चीन के सफल और मजबूत राष्ट्र होने की कहानी ओर असली वजह है।

कहानी सच्ची ओर बहुत अच्छी लगी होगी मुझे उम्मीद है तो अब आते हैं इस कहानी से शिक्षा लेने की बात पर....
तो सुनिए मेरे देशवासियों हम सिर्फ यही कह रहे हैं न कि जब हमारे 10000 ख़र्च होने ही हैं तो हम कम सुविधाओं वाला स्वदेशी उत्पाद क्यों खरीदें जबकि उतनी ही कीमत में अधिक सुविधाओ वाला चीनी उत्पाद क्यों न खरीदें??
तो मेरे प्रिय देशवासियों हमें भी चीन की ही तर्ज़ पर विश्व की महानतम महाशक्ति बनना है तो हमें सबसे बड़ा बाजार नहीं सबसे बड़ा हब बनना पड़ेगा उसके लिए हम सभी का बराबर योगदान देना होगा, हमें हर उस कम क़्वालिटी के उत्पाद को उपयोग करना होगा जो स्वदेशी है क्योंकिं जब तक देश का धन देश में नहीं रहेगा तब तक हम विश्व को महाशक्ति नही बन सकते।।
ओर एक बात कोरोना के महाशंकट में हम भारतीयों ने सिद्ध किया है कि हम चीन से भी कम लागत में उत्पाद बनाने में सक्षम हैं,सबसे बड़ा उदाहरण है #मंगलयान।। #ISRO #DRDO  #पतंजलि ओर भी बहुत कुछ है जो हमें प्रेरित करता है कुछ नया ओर अलग करने के लिए, हमारा देश प्रतिभाओं से भरा हुआ है बस हमें उसे निखारने ओर सहयोग प्रदान करने की आवश्यकता है।
जब हम किसी स्वदेशी उत्पाद की अवहेलना करके,उसे नकारकर विदेशी सस्ते उत्पादों की ओर रुख करते हैं तो उस प्रयास करने वाले व्यकि का मनोबल गिर जाता है और वह हताश होकर अपनी यूनिट इसलिए बंद कर देता है क्योंकि वह सोचता है कि जब हमारे अपने देशवासी भाई-बहनों के द्वारा हमें स्वीकार नहीं किया जा रहा तो हम क्या इन विदेशियों से मुकाबला करेंगें।।
इसलिए ध्यान रखें हमें देशवासियों का,देश के उद्योगपति वर्ग का,देश के वैज्ञानिकों का,देश के डॉक्टरों का,देश के इंजीनियरों का मनोबल बढ़ाना है और सबसे ज्यादा जरूरी है  देश_के_बच्चों_का मनोबल बढाते हुए निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है तभी हम इस #भारतवर्ष को विश्वगुरु ओर विश्व की महाशक्ति बना सकते हैं।।
ध्यान रखिये देश का पैसा देश में रहेगा,तो देश जरूर तरक्की करते हुए सफलता के शिखर तक पहुँचेगा।।

आपका देशवासी भाई
भूपेंद्र_सिंह सेमराघोना
सागर मध्यप्रदेश

सभी देशवासियों को
जय हिंद जय भारत
स्वदेशी अपनाओ,
देश को सम्रद्ध ओर शक्तिशाली बनाओ


Boycott China
बायकॉट चीन
Jan Jan Ki Baat

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2 Comments

  1. Sab mumkin haii bharat mata ji jay jai hind hmm aapne bhai bahin ke duwara bne saman ka use kre jada se jada

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