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आचार्य बालकृष्ण--एलोपैथी के युग में आयुर्वेद को विश्व में पुनः महानता दिलाता एक सफल "बैध"

आज से सिर्फ एक साल पहले चैम्पियन्स ऑफ चेंज 2019 के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए गए आचार्य बालकृष्ण के जीवन संघर्ष और उनकी उपलब्धियों को दिखाता ये लेख आपके लिए बनाया गया है उम्मीद है यह छोटा सा
प्रयास आपकी जानकारी में बृद्धि करेगा।।

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1. फोर्ब्स के मुताबिक 25600 करोड़ रुपये के मालिक हैं बालकृष्ण. देश के 48वें सबसे अमीर आदमी... 98.5 के मालिक अनलिस्टेड कंपनी में.

2. 1993 में बाबा रामदेव और बालकृष्ण वापस हरिद्वार लौटे. रामदेव ने योग सिखाना शुरू किया, जबकि बालकृष्ण चूरण बनाने में लग गए. पहली सफलता मिली दो साल बाद. मधुसूदन चूर्ण के जरिए. रामदेव और बालकृष्ण इसे बेचने असम गए. वहां बोडोलैंड की मांग कर रहे चरमपंथी संगठन के असर वाले जिलों में कालाजार और मलेरिया फैला था. दोनों वहां काम में जुट गए. शुरू में बोडो लोगों को लगा कि ये दोनों केंद्र सरकार के एजेंट हैं. इसाई मिशनरी भी दुश्मनी मानने लगीं. जब चूर्ण का असर दिखने लगा, तो बोडो चरमपंथियों का रुख बदल गया. फिर उन्होंने ही हिफाजत का भरोसा दिलाया.

3. 5 जनवरी 1995 को रामदेव और बालकृष्ण ने दिव्य फार्मेसी रजिस्टर करवाई. कनखल में चार कमरों में टिन शेड के तले पहला कारखाना बना. यहां दवाइयां बनतीं और चार वैद्यों वाला अस्पताल चलता. अब ये चार कमरे चार मंजिल की बिल्डिंग में बदल चुके हैं. दवाइयों के बाद जो पहला प्रॉडक्ट यहां से लॉन्च हुआ, वह था च्यवनप्राश जिसकी अपार सफलता ने जी पतंजलि को एक ब्रांड बना दिया।।

4. 26 मई 2019 को उन्हें यूएनओ की संस्था यूएनएसडीजी यानी यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल ने विश्व के 10 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया है। 

5. उन्हें जेनेवा में यूएनएसडीजी हेल्थकेयर अवॉर्ड से नवाजा गया था।

6. आचार्य बालकृष्ण के पास पतंजलि के 94 फीसदी शेयर हैं। वहीं, वे पतंजलि से एक भी रुपए की सैलरी नहीं लेते हैं।

7. बालकृष्ण ने आयुर्वेदिक औषधियों से सम्बंधित कई पुस्तकें भी लिखी हैं। 

8. बालकृष्ण ने रामदेव के साथ मिलकर हरिद्वार में आचार्यकुलम की स्थापना की। 

9. वह नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान से भी जुड़े हैं। 

10. आचार्य बालकृष्ण को योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रशंसापत्र, प्रमाण पत्र व अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 

11. 23 अक्टूबर 2004 को एक योग शिविर के दौरान राष्ट्रपति भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के द्वारा सम्मान दिया गया था।

12. अक्टूबर 2007 में नेपाल के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और कैबिनेट मंत्रियों की उपस्थिति में योग, आयुर्वेद, संस्कृति और हिमालयी जड़ी बूटी के छिपे ज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए उनके योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। 

13. वर्ष 2012 में योग और औषधीय पौधों के क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए श्री वीरंजनया फाउंडेशन द्वारा 'सुजाना श्री' पुरस्कार प्रदान किया गया था।

14.आज भारत में सर्वाधिक स्वदेशी उत्पाद बेचने वाली कंपनी है पतंजलि
आपके दैनिक उपयोग की लगभग 95% खाद्य सामग्री पतंजलि उपलब्ध करवाती है साथ ही लगभग 95% रोगों की दवाएं जो आयुर्वेद पर आधारित हैं उनका उत्पादन पतंजलि करती है उसका श्रेय भी आचार्य बालकृष्ण को ही जाता है।।
15.आचार्य बालकृष्ण आज के आधुनिक एलोपैथी युग में भी एक सफल बैद्य बनकर लोगों की सेवा कर रहे हैं और भारतीय चिकित्सा की रामबाण पद्धति "आयुर्वेद" को विश्वस्तर पर पुनः पहचान दिला रहे हैं।।


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