Jan Jan Ki Baat

जरूरी है दोस्ती की परख

दोस्ती की परख अक्सर बुरे समय में ही होती है,यदि हम अपने अच्छे समय में बिना परखे दोस्त बना लेते हैं तो हमें अपने बुरे या बिपरीत समय में कठिनाई का सामना उठाना पड़ता है।।
आइए एक कहानी के माध्यम से जानने और समझने की कोशिश करते हैं।।

एक चंचल सा लड़का था जिसका नाम था सोनू वह बहुत ही खुशमिजाज ओर हँसमुख लड़का था और उसे दोस्त बनाने का बड़ा शौक था उसने अपने कॉलेज में बहुत सारे दोस्त बनाये।वह अकेला शहर में रहकर पढ़ाई करने के लिए शहर गया था,उसने निश्वार्थ रूप से दोस्त बनाये,लेकिन दोस्त होता वही है जो बुरे वक्त में साथ दे लेकिन सोनू के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद उसे यह सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि आखिर उसने दोस्त बनाने में क्या गलती कर दी।।
हुआ यूं कि सोनू एक बार बीमार पड़ गया,तो उसने सोचा घर वालों को क्यों परेशान करूँ जब मैने इतने सारे दोस्त बनाये हैं वही मेरा साथ दे देंगें ओर मेरी मदद करेंगें सिर्फ इसी सोच के कारण सोनू ने अपने दोस्तों को बुलाया और कुछ खाने का सामान लाने को कह दिया,ये सुनकर ज्यादातर दोस्त आये ही नहीं कि सोनू तो उनसे सामान मंगवा रहा है और जो दोस्त आये वो भी खाली हाथ ही चले आये और सभी ने अलग अलग बहाने बना दिये,किसी ने कहा मेरी पॉकेट मनी नहीं मिली इस महीने,किसी ने कहा दुकान बंद थी,किसी ने कहा मेरा पर्स घर पर छूट गया तो बाकी सब ने भी अपने अपने बहाने बता दिए।चलो ठीक सामान नहीं लाये तो कोई बात नहीं लेकिन उसके बाद उन्होंने जो किया वह ओर भी दुखद था सोनू के लिए सभी दोस्त मिलकर सोनू का वह सामान भी खा गए जो उनके कमरे में रखा हुआ था।।
अब सोनू को ये सोचकर दुख हुआ कि आज सिर्फ इतनी छोटी सी मदद मांगने के कारण सभी ने मुझसे किनारा कर लिया और एक में हूँ जो सभी को अपना दोस्त समझता हूँ और सभी की निश्वार्थ रूप से मदद करता हूँ।।

कहानी से सीख-दोस्त होना बहुत जरूरी है जीवन में,क्योंकिं दोस्त ही वो साथी होते हैं जिनसे हम अपना सुख-दुख बाँटकर अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं लेकिन हमें दोस्त बनाते समय उनके स्वभाव को पहचानने की कोशिश करनी चाहिए ताकि समय पढ़ने पर हमारे साथ वो न हो जिसकी हमने कभी उम्मीद न कि हो।

सच्चा दोस्त वही होता है जो आपको अच्छे समय में तंग करे और बुरे समय में साथ खड़ा रहे।।

कहानी कैसी लगी कमेंट्स में जरूर बताएं।।👏👏

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